रविवार, 14 फ़रवरी 2021

शब्द संज्ञान

 

वसंत वर्णन संबंधी शब्दावली

अनंग – · देहरहित, आकृतिहीन · कामदेव का एक नाम जो बिना – देह – शरीर के प्राणियों में निवास करते है। इनके अन्य नाम – चित्तहर, कदर्प, मन्मथ, मनसिज, रतिकांत, पुष्पवान, पुष्पधंव। 

अनंगक्रीडा – कामक्रीडा 

अनंगवती – · कामवासना से युक्त स्त्री · कामिनी 

अगवानी – स्वागत करना 

अभिराम –  · मोहक – · सुखद – · अच्छा प्रतित होने वाला 

अंगडाई – · शरीर की वह स्वाभाविक क्रिया जो आलस्य या थकावट के कारण होती है जिसके फलस्वरूप सारा शरीर कुछ समय के लिए ऐंठ, तन या फैल जाता है- · हावभाव 

अरुणिमा – · लाली – · लालिमा 

अनुराग – · प्रेम · लाल रंग अनुरागमय – प्रेममय 

आम्रकुंज – · अमराई · आम के वृक्षों का बगीचा · अमराई में बना मंडप 

आम्रमंजरी – आम के बौर का गुच्छा 

ऋतुराज – · वसंतऋतु · ऋतुओं में श्रेष्ठ · सुंदरता की द्दष्टि से सर्वोपरि 

ऋतुपति – ऋतुनाथ – वसंत 

कदम्ब – एक वृक्ष जो काफी बड़ा होता है जिसके पत्ते महुए के पत्तों जैसे और फल नीबू की तरह गोल होते है, फूल फलों के ऊपर होते हैं। अनेक कवियों ने कदम्ब का विशेष वर्णन किया है। 

कचनार – · एक छोटा वृक्ष जो लता के रूप में होता है · एक सुंदर फूलदार पेड 

कमलिनी – · छोटा कमल · कमल से भरा जलाशय 

कलापी – · मोर · कोयल · तरकशधारी · समूह में रहनेवाला · मोरों के नृत्य का समय 

कदलीवन – केले का वन 

किसलय – · नवपल्लव · कोंपल · कोमल पत्ता 

किरीट – मुकुट 

चंद्रावली – कृष्ण की सखी एक गोपी जो चंद्रभानु की कन्या थी 

चिरजीवौ – दीर्घायु होने के लिए आशीर्वादात्मक शब्द 

छवि – विभावरी – तारों भरी रात की छवि - शोभा 

झींगुर – · एक कीडा जो झीं – झीं की ध्वनि करता है · चीरी 

टेसू – पलाश जाति का पौधा और फूल 

तिरोहित – · छिपा हुआ · ढका हुआ · अद्दश्य · लुप्त 

दिगन्त – · दिशा का अंत – छोर · आकाश की अंतिम सीमा · क्षितिज 

दिगंत गामिनी – दिशाओं के छोर तक पहुँचने वाली उत्कट प्रतीक्षा 

नवदल – · नया पत्ता · कमल का वह पत्ता जो उसके केसर के पास होता है 

नवोत्कर्ष – उन्नति 

नवल – · नया · अनोखा · उज्ज्वल – स्वच्छ 

नवलकिशोर – कृष्ण 

पद्मनाल – कमल का डंठल – डंडी 

पदाघात – पैर से की जाने वाली चोट 

पलाश - · टेसू · पलाश का फूल · एक वृक्ष जिसके फूल बहुत ही सुंदर होते हैं, इसके आकर्षित फूलों की वजह से इसे जंगल की आग भी कहा जाता है, होली के रंग इसके फूलों से तैयार किये जाते है, गुजरात में ये केसूडो के नाम से जाना जाता है। 

पुष्परज – पराग 

पिक – कोयल 

पौनहूँ – पवन भी 

पिकस्वर – कोयल की वाणी 

पूरित परिमल – सुंगध से भरा हुआ 

पहुप की सुवास – फुलों की सुगंधी 

पंचम स्वर – सात स्वरों में पाँचवां स्वर, विशेष – यह स्वर कोयल की आवाज के अनुरूप माना गया है। संगीतज्ञों के मतानुसार इस स्वर में प्राण, अपान, समान, उदान और व्यान एक साथ लगते है इस लिए पंचम कहलाता  है। 

पुष्करिणी – · कमल का पौधा · कमलों से भरा हुआ तालाब · हथिनी · छोटा जलाशय 

पुरवाई – पूरब की ओर से बहने वाली हवा · बाली · अनाजों के डंठल का ऊपरी भाग जैसे गेहूँ की बाली · स्त्रियों के कान में पहनने का एक आभूषण 

बिपिन – · वन     · शानदार · उपवन · बाग 

बंसीवट – बरगद का वह पेड जिसके नीचे कृष्ण बाँसुरी बजाते थे 

मलयानिल – · मलय समीर (मलय – दक्षिण भारत का एक पर्वत - मलयागिरि) · दक्षिण की वायु · मलय पर्वत की ओर से आने वाली वायु जिसमें चंदन की सुगंध होती है · ठंडी और सुगंधित हवा 

मनसिज – कामदेव 

मंजरित प्रकृति –    · मंजरियों से युक्त प्रकृति · पुष्पित प्रकृति 

मुकुलित – · खिला हुआ · कलियों से युक्त 

मृणालदण्ड – · कमल के पौधे का डंठल · कमलनाल (कमलकाकडी) 

मृगांक – चंद्रमा 

मृगाक्षी – मृग सी सुन्दर आँखोंवाली – मृगनयनी 

मुकुल – कलि 

मकरंद – · फूल का रस · फूल का केसर · पराग 

मदन – · कामदेव · मनभावन · काम · भौंरा 

मदनातुर – कामातुर 

मदन महिप – कामदेव 

मधुरितु – · वसंतऋतु · मधुकाल · प्रेम-संयोग काल 

मधुमास – · ऋतुराज · वसंत · ऋतुपति · बहार 

मदनोत्सव – · वसंतपंचमी के अगले दिन या चैद शुक्ल द्वादशी को मनाया जाने वाला प्राचीन समय का एक प्रेमसंबंधी उत्सव  · वसंतोत्सव 

मधुत्सव – वसंतोत्सव 

मधुकर – · भौंरा · रसिक व्यक्ति 

मनमथ – · कामदेव · मदन 

मालती – · सफेद फूलों से युक्त एक लता – इस लता का फूल – · एक छन्द · युवती या स्त्री · ज्योत्सना 

महीप बसंत – ऋतुराज वसंत 

मलयज – · मलय से उत्पन्न · चंदन से उत्पन्न · मलयपर्वत पर उत्पन्न · चंदन 

रसाल – · रसपूर्ण · मीठामधुर · रसिक · सहृदय 

वसना – वस्त्र धारण करने वाली 

वृषभानुजा – · राधा · गाय 

वसंतसखा – · कामदेव · मदन 

वसंततिलका – एक छंद 

वसंतक – विदुषक 

शीतल मंद बयार – धीरे धीरे बहने वाली ठंडी हवा 

सहस्रदल – कमल 

सरसिज – कमल 

सरसाया – · हराभरा होना · खिलना · रसपूर्ण होना 

सेमल – एक रूईदार वृक्ष

(शब्दार्थ हिन्दी शब्दकोश एवं इंटरनेट साइट से)

सोनल परमार

वल्लभ विद्यानगर (जि. आणंद)

12 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत सुंदर शब्दों का ज्ञान।

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  2. योग से साहित्य की ओर कब से,
    बहुत ही सुंदर!

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  3. बहुत ही सुन्दर।
    धन्यवाद Mam...वसंत से जुड़े सुन्दर शब्दों का परिचय करवाने के लिए।

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  4. ખૂબ જ મેડમ વસંત ઋતુ ને લગતા આવા અવનવા શબ્દો જાણવા મળ્યા
    એ માટે આપનો આભાર આવી જ રીતે આગળ લેખન કાર્ય કરતા રહો એવી શુભેચ્છા પાઠવું છું 💐

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  5. वसंत सम्बन्धी शब्द और उनके के अर्थ कि सुंदर जानकारी प्रस्तुत की है।

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  6. सोनल जी को बधाई। कृपया यह स्तम्भ नियमित रखें । यह हम सबके शब्द ज्ञान वृद्धि में सहायक होगा।
    बधाई ।

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  7. चि. सोनल,
    इसी प्रकार वसंत जैसे विविध विषयों की वर्णन शब्दावली के द्वारा हमारी पुनीत भाषा हिंदी विकास के नए-नए आयाम स्थापित करती रहो, इसी निष्ठा व समर्पण से मेरी ढेर सारी शुभकामनाएँ |

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