शब्द-सृष्टि
जुलाई
2026,
अंक 73
परामर्शक [ प्रो.हसमुख परमार ] की ओर से.... – दिन कुछ ख़ास है !
संपादकीय(डॉ. पूर्वा शर्मा) – एक साहित्यकार का जाना...... !?
काव्य
1. बरसात (कुण्डलियाँ छंद) 2. पश्चाताप (सार्द्ध मनोरम छंद) – डॉ. अनिल कुमार बाजपेयी काव्यांश
व्यक्ति विशेष : विशेष स्मरण
स्वामी विवेकानंद : युग चेतना के जीवंत प्रकाश स्तंभ – डॉ. घनश्याम बादल
लोक साहित्य मनीषी डॉ. अरुणेश नीरन – इंद्र कुमार दीक्षित
आलेख
कथाकारों की दुनिया में भीष्म साहनी का स्थान – डॉ. रक्षा मेहता
स्मृति शेष
तीजनबाई के (न) होने का अर्थ! – डॉ. ऋषभदेव शर्मा
जाना लोकगायन की स्वर-सम्राज्ञी का: एक थी तीजन बाई – डॉ. घनश्याम बादल
निबंध
मैं सुमन हूँ – शशिबिन्दुनारायण मिश्र
पुस्तक
चर्चा
घटती ज़िंदगी का अहसास (नाटक-संग्रह, महेश सांख्यधर) – डॉ. गुर्रमकोंडा नीरजा
सम्पा (उपन्यास-मीनाक्षी चौधरी और संजीव पालीवाल) – आर्या झा
पीड़ा के द्वीप (हाइकु-संग्रह, सूर्य नारायण गुप्त ‘सूर्य’) – बलजीत सिंह
लोकगीत
आदरणीया जुलाई के इस अंक में बहुत ही सुन्दर कजरी है ।पिया के आने की प्रतीक्षा नायिका शब्दों के माध्यम से कैसे कह रही है सुंदर बन पड़ी है ।बधाई
जवाब देंहटाएंशब्द सृष्टि का.जुलाई अंक के आरम्भ प्रो. हसमुख परमार सर द्वारा हिंदी जगत के महानायक प्रेमचंद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके योगदान को सराहना की साथ ही संपादकीय में डॉ. पूर्वा शर्मा द्वारा दिवगंत साहित्यकार गोपाल बाबू शर्मा के साहित्यिक अवदान पर प्रकाश डाला । बहुविषयस्पर्शक अंक ज्ञानवर्धक है ।
जवाब देंहटाएंमुकेश चौधरी, शोधार्थी हिंदी
पठनीय सामग्री से भरपूर अंक की बधाई
जवाब देंहटाएंमुंशी प्रेमचंद के जन्मदिवस पर इस हिन्दी कथा सम्राट को नमन।
जवाब देंहटाएं🙏
दिवंगत डाॅ.गोपाल बाबू शर्मा को अत्यंत भावपूर्ण श्रद्धांजलि। 🙏💐
शब्दसृष्टि के परामर्शक प्रो.हसमुख परमार सर, संपादक डाॅ.पूर्वा शर्मा और सभी रचनाकारों को इस महत्वपूर्ण अंक के लिए हार्दिक बधाई। 🙏💐Hiya
महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक आलेख। सुदर्शन रत्नाकर
जवाब देंहटाएंविविध एवं स्तरीय रचनाओं से सुसज्जित शब्द-सृष्टि के जुलाई अंक के लिए हार्दिक बधाई । सुदर्शन रत्नाकर
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