सोमवार, 31 अगस्त 2026
अगस्त 2026, अंक 74
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शब्द-सृष्टि अगस्त 2026, अंक 7 4 दिन कुछ ख़ास है! – परामर्शक [प्रो. हसमुख परमार] की ओर से...... – गोस्वामी तुलसीदास : पहुँच जिनकी जन-जन...
3 टिप्पणियां:
पुस्तक समीक्षा
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रुड़की : स्मृतियों का शहर डॉ . घनश्याम बादल जब मन में लगन हो , लिखने वाला जिज्ञासु हो और साथ में एक दृढ़ निश्चय हो तब व्यक्ति अपनी...
बालगीत
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मजे बरसात के... डॉ. अनिल कुमार बाजपेयी काव्यांश लल्ली लाली मुन्नू रानी। देखो-देखो आया पानी ।। जल्दी छत पर आ जाओ । ...
शब्द संज्ञान
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मन्दिर बनाम टेम्पल अंजनी कुमार सिन्हा शब्द केवल अर्थ के वाहक नहीं होते ; वे अपने भीतर पूरी संस्कृति , दर्शन और भाषाई इतिहास सँजोए रख...
तेवरी
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डॉ. ऋषभदेव शर्मा है उमस , है घुटन घोर परिवेश में वे पवन-राग गाते फिरें देश में वे सदा ही रहें युद्ध के वेश में हम न आएँ ...
हाइकु एवं ताँका
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हाइकु तुकाराम पुंडलिक खिल्लारे 1. उड़ान क्या ली आँसू माँ के चहके - हँसी लाड़ली। 2. गुलाबफूल पाँव तले कुचला – निकली आह। ...
देस गीत(पूरबी )
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आजादी के पावन परब पर हाजिर बा ऽ एगो देस गीत- डॉ . मोहन पाण्डेय ‘ भ्रमर ’ सीमवां से बिरना मोरा भेजलें सनेस बिरना भेजले बानें। देसव...
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