शब्द सृष्टि
शनिवार, 31 दिसंबर 2022

पुस्तक समीक्षा

›
‘गुर्जरी पल्लव’ (गुजरात की समकालीन महिला हाइकुकार) समीक्षक - डॉ. पूर्वा शर्मा विश्व वाड्मय रूपी महासागर को अत्यधिक विस्तार और गहराई प्रदान ...
4 टिप्‍पणियां:

चित्र कविता

›
 
4 टिप्‍पणियां:

अनुवाद

›
  दगा राघव जी माधड़ अनुवाद – डॉ. योगेन्द्रनाथ मिश्र सोमा का भ्रम , पानी में जैसे ढेला गलता है , वैसे ही गल गया। नग्न वास्तविकता उसे ती...
1 टिप्पणी:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
डॉ. पूर्वा शर्मा
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें

मुखपृष्ठ

▼
Blogger द्वारा संचालित.