शब्द सृष्टि
शुक्रवार, 31 मई 2024

कविता

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  अरुणकुमार सिंह मेरा गाँव आज खाली है   ऐ शहर तेरी फ़ितरत मेरा गाँव आज खाली है। बहुत के चक्कर में बहुत छोड़ चले गए कुछ बहुत प...

दोहे

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माँ  सुरेश चौधरी     छवि मोहक अनमोल माँ , हिमाद्रि धवल तुषार ज्ञान    विभूषित    देव   है , ओज    तप्त   कंचार। *** मूरत    तू  ...

पुस्तक चर्चा

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‘ नचिकेता, मैं नहीं ’ डॉ. सुपर्णा मुखर्जी ‘ कविताएँ मूलतः दो स्रोतों से जन्म लेती हैं। एक जीवन अनुभव और दूसरा विचार ’ । (डॉ. निखिल आनंद ...

अनुवाद

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निर्वाण षट्कम का हिन्दी भावानु वाद सुरेश चौधरी निर्वाण षटकम आदि शंकराचार्य द्वारा रचित दुर्लभ स्त्रोत्र है , इसमें उन्होंने भगवान् शिव म...
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डॉ. पूर्वा शर्मा
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