शुक्रवार, 31 मार्च 2023

व्याकरण विमर्श

 



डॉ. योगेन्द्रनाथ मिश्र

1. परसर्ग (‘में’ और ‘पर’) का प्रयोग

१. ‘में’ और ‘पर’ दोनों परसर्गों का प्रयोग क्रिया के आधार के साथ होता है।

२. काल (समय) तथा स्थान दोनों क्रिया के आधार होते हैं।

३. किसी पदार्थ का किसी पदार्थ के अंदर, किसी पदार्थ के ऊपर या किसी पदार्थ के समीप या आसपास होने का भाव व्यक्त करने के लिए ‘में’ तथा ‘पर’ परसर्गों का प्रयोग होता है।

४. माँ घर में हैं।

    पिताजी घर पर हैं।

इन दोनों वाक्यों में माँ और पिताजी की उपस्थिति (मौजूदगी) का आधार ‘घर’ है।

५. माँ घर यानी मकान के अंदर हैं। इसलिए पहले वाक्य में ‘घर’ के साथ ‘में’ परसर्ग का प्रयोग हुआ है।

६. परंतु दूसरे वाक्य में घर यानी मकान के अंदर का भाव व्यक्त नहीं करना है। 

घर यानी मकान के अंदर या घर के आसपास कहीं भी पिताजी हो सकते हैं।

उनकी उपस्थिति की कोई सुनिश्चित जगह नहीं है।

यह भाव व्यक्त करने के लिए घर के साथ ‘पर’ परसर्ग का प्रयोग किया गया है।


2. कारक की पहचान

एक हिंदी अध्यापक ने पूछा है कि

चूहा तेजी से भागा।

इस वाक्य में क्या ‘तेजी से’ में करण कारक है? ऐसा एक व्याकरण की किताब में दिया है।

और फिर -

दशरथ की तीन रानियाँ थीं।

सुधा का एक बेटा है।

मेरा नाम दिव्य है।

इन वाक्यों में कर्ता कारक क्या है?

जवाब -

व्याकरण की किताबों की यही तकलीफ़ है।

जहाँ जहाँ परसर्ग दिखाई पड़ते हैं, सब जगह कारक मान बैठते हैं।

‘तेजी से’ में रीतिवाचक क्रियाविशेषण है।

दशरथ की तीन रानियाँ थीं।

क्रिया है ‘थीं’। थीं की अन्विति किससे होती है? ‘रानियाँ’ से। ‘थीं’ स्त्रीलिंग बहुवचन। रानियाँ स्त्रीलिंग बहुवचन। इसलिए रानियाँ कर्ता तथा ‘थीं’ उसकी क्रिया।

‘तीन’ रानियाँ का संख्यावाचक विशेषण है।

‘दशरथ की’ रानियाँ का संबंधबोधक विशेषण है।

‘रानियाँ’ वाक्य का कर्ता होने की वजह से कर्ता कारक में होगा।

इसी तरह दूसरे वाक्य में ‘बेटा’ कर्ता तथा कर्ता कारक है।

तीसरे वाक्य में ‘नाम’ कर्ता तथा कर्ता कारक है।

इसमें ‘दिव्य’ क्रियापूरक है।

नाम है। किसका नाम?

मेरा नाम। मेरा क्या नाम है?

मेरा नाम दिव्य है।

यह वाक्य ऐसे भी बन सकता है -

दिव्य मेरा नाम है।

फिर भी कर्ता ‘नाम’ ही है तथा क्रियापूरक दिव्य।

 


डॉ. योगेन्द्रनाथ मिश्र

40, साईंपार्क सोसाइटी, वड़ताल रोड

बाकरोल-388315, आणंद (गुजरात)

 

3 टिप्‍पणियां:

  1. हिंदी में एक एक शब्द के अर्थ और प्रयोग को सूक्ष्मता से विश्लेषित करने के लिए धन्यवाद ।

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  2. उपयोगी जानकारी। सुंदर विश्लेषण किया गया है। सुदर्शन रत्नाकर

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