आधुनिक
हिंदी : देश का भविष्य
डॉ.
रक्षा मेहता
विज्ञान,
तकनीक अथवा प्रौद्योगिकी
भूगोल
शास्त्र अथवा वाणिज्यिकी
अर्थशास्त्र
हो या खगोल विज्ञान
गणित,
समाजशास्त्र या सामान्य ज्ञान
संसद,
आकाशवाणी या सूचना-संचार
सभी
में पाते हैं हम तुझे हर बार
बैंक,
रेलवे, वायुसेवा या हो बीमा
तेरी
नहीं है कहीं निश्चित सीमा
विद्यालय
हो अथवा हो कार्यालय
सर्वत्र
है अब तेरा ही आलय
हो
शिक्षा का क्षेत्र अपार
सभी
में पाते हैं हम तुझे हर-बार
हाँ
हिन्दी केवल तू ही है
तू
प्रत्येक क्षेत्र में अग्रणी है
तू
ही मानवता की पोषक है
जो
मनुष्य तुझे है दरिद्र मानता
हाँ
हिन्दी उसकी मानसिकता
स्वयं
दरिद्रता की द्योतक है
न
घुले तुझमें परभाषा का विष
तू
ही है भारत देश का भविष्य ।
डॉ. रक्षा मेहता
हिंदी विभागाध्यक्षा
आर्मी पब्लिक स्कूल
गोलकोंडा


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