सोमवार, 1 नवंबर 2021

मुकरियाँ

 



 डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा

1

खुशियों की लाए है लड़ियाँ

रंग-बिरंगी-सी फुलझड़ियाँ

पकवानों से भर दे थाली

क्या सखि साजन ?, नहीं दिवाली ।

2

जी धड़काएँ कभी डराएँ

जोर-जोर से शोर मचाएँ

मैनें बहुत छुपाकर राखे

क्या सखि सजना ?, नहीं पटाखे ।

3

धीरे से आँगन में आए

मैं बैठी थी दीप जलाए

बाहों में लेने से हारा

क्या सखि साजन ?, ना अँधियारा ।

4

रूप सलोना खूब सजाए

बाद बरस के घर में आए

ओढ़े चादर चमचम वाली

क्या सखि  साजन ?, नहीं दिवाली ।

 



डॉ. ज्योत्स्ना शर्मा

एच-604 , प्रमुख हिल्स ,छरवाडा रोड ,वापी

जिला- वलसाड(गुजरात) 396191

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