मंगलवार, 30 सितंबर 2025

विचार स्तवक

 



हिंदी हृदय की भाषा है।

         महात्मा गाँधी

           सच्चा शिक्षक वो होता है जो हमें अपने बारे में सोचने के लिए मदद करे।  

 डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

हिंदी भाषा उस समुद्र जलराशि की तरह है जिसमें अनेक नदियाँ मिली हों।

–  वासुदेवशरण अग्रवाल

भाषा विचार की पोशाक है

– डॉ. जानसन

हिंदी चिरकाल से ऐसी भाषा रही है जिसने मात्र विदेशी होने के कारण किसी शब्द का बहिष्कार नहीं किया।

         राजेंद्रप्रसाद

            शिक्षक एक ऐसा इंसान है जो जीवित रहने और सीखने के लिए उत्सुक अन्य मनुष्यों को ज्ञान प्रदान करता है।  

गॉर्डन ब्राउन

हिंदी उन सभी गुणों से अलंकृत है जिनके बल पर वह विश्व की साहित्यिक भाषाओं की अगली श्रेणी में सभासीन हो सकती है।

– मैथिलीशरण गुप्त

कवि का काम मनुष्य की आत्मा का उद्धार करना नहीं बल्कि उसे उद्धार का पात्र बनाना है ।

– जेइम्स फ्लेचर 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

मार्च-अप्रैल 2026, अंक 69-70(संयुक्तांक)

  शब्द-सृष्टि मार्च-अप्रैल 2026, अंक 69 -70(संयुक्तांक)   परामर्शक की कलम से.... – ‘शब्दसृष्टि’ का प्रस्तुत अंक : विलंब की वजह .... – प्...