शुक्रवार, 4 मार्च 2022

चित्र कविता

 डॉ. पूर्वा शर्मा








5 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही अच्छी चित्र पंक्तियाँ मेडम

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  2. माना की तुमसे मिलना मुमकिन नही है दिन में उजाले में....
    ये दुनियाँ बड़ी जालिम है कत्लगाह बना देगी।
    (आशकिरण)
    चित्रों का चयन बहुत ही उम्दा है मैंम

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  3. वाह,बहुत सुंदर । सभी चित्र रचनाएं लाजवाब । आशीर्वाद पूर्वा ।

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  4. बहुत सुन्दर प्रिय पूर्वा... हार्दिक बधाई आपको!

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