हाइकु
प्रीति
अग्रवाल
1.
प्यासे
नयन
अपलक
जोहते
बाट
तुम्हारी।
2.
कर
प्रतीक्षा
उनींदी
हुई रैना
नैना
सजग।
3.
गुप्प
अंधेरा
रातों
में भर रहीं
यादें
उजास।
4.
पग
के काँटे
पलकों
चुन चुन
तुममें
छाँटे।
5.
जो
कह पाते
हम
दिल की बात
जुदा
हालात।
6.
प्रभु
तू काहे
बिछड़े
न मिलता
यूँ
ही सताता।
7.
मिट्टी
की देह
जन्म
भर सजायी
मिट्टी
में मिली।
8.
हृदय
बसिया
तुम
मनभावन
पी
हो रसिया।
9.
तुम
हो धुरी
इर्द
गिर्द घूमती
पी
मैं तुम्हारे।
10.
एक
ही राह
प्रियतम
हमारी
मंजिल
एक।
11.
हठीला
मन
किस
विध न माने
चाँद
ही माँगे।
12.
ढली
है साँझ
कल
ही की तरह
लगे
नई–सी।
13.
प्रेम
के बाण
नैनों
का तरकश
हृदय
घायल।
14.
मिलन
आस
जीने
दे,
न मरने
कैसी
ये प्यास।
15.
तुम्हें
जो पाया
मानो
चाँद सिमटा
बाहों
में आया।
***
प्रीति
अग्रवाल
कैनेडा

अच्छे हाइकु
जवाब देंहटाएंहार्दिक धन्यवाद!
हटाएंपसंद आए
जवाब देंहटाएंहाइकु की धाराएं
आपके सारे
तोलेटी (हिन्दी) चंद्र शेखर विशाखापत्तनम
हार्दिक धन्यवाद!
हटाएंअति सुंदर 👌
जवाब देंहटाएंहार्दिक आभार!
हटाएंबहुत ही सुंदर हाइकु..!
जवाब देंहटाएंआपने समय निकाल कर पढ़ा, सराहा, हार्दिक धन्यवाद!
हटाएंBeautiful words!
जवाब देंहटाएंजी आपका हार्दिक धन्यवाद!
जवाब देंहटाएंइस सुंदर पत्रिका में स्थान देने के लिए आदरणीया पूर्वा शर्मा जी का हार्दिक आभार!
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