दोनों हायगा अति सुंदर ।मुस्कुराया घर और मंज़िल तू ही । वाह ।
बहुत सुन्दर
दोनों हाइगा सुन्दर हैं। तस्वीर और हाइकु पूरक हैं एक दूसरे के ।
शब्द-सृष्टि अगस्त 2026, अंक 7 4 दिन कुछ ख़ास है! – परामर्शक [प्रो. हसमुख परमार] की ओर से...... – गोस्वामी तुलसीदास : पहुँच जिनकी जन-जन...
दोनों हायगा अति सुंदर ।मुस्कुराया घर और मंज़िल तू ही । वाह ।
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर
जवाब देंहटाएंदोनों हाइगा सुन्दर हैं। तस्वीर और हाइकु पूरक हैं एक दूसरे के ।
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