शुक्रवार, 29 मई 2026

कविता

मंगल पांडे पर विशेष

डॉ. भावना मीरानी

 

आजादी का लिए दृढ़ संकल्प,

खिल उठा स्वाभिमान का कमल।

देशभक्ति, त्याग, बलिदान—

यही थे जिनके जीवन के मूल मंत्र।

 

निर्भीक, निडर, स्वाभिमानी योद्धा,

नाम मंगल पांडे—साहस की अद्भुत मिसाल।

सन सत्तावन की चिंगारी के,

हो प्रमुख अग्रदूत महान।

 

“मारो फिरंगियों को!” यह नारा देकर,

जगा दिया सोया हिन्दुस्तान।

दी कुर्बानी देश की खातिर,

किया फाँसी के फंदे से भी प्यार।

 

न भय मृत्यु का, न चिंता जीवन की,

बस मातृभूमि का था मान।

माँ भारती के वीर सपूत,

तुम्हें शत-शत नमन, शत-शत प्रणाम।


डॉ. भावना मीरानी

गुजरात

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