योग:
एक वरदान
डॉ.
रक्षा मेहता
सर्वोत्तम
है योगासन व प्राणायाम
शारीरिक
व मानसिक कष्टों को देते विराम
तन
रहता स्वस्थ, मन रहता प्रफुल्लित
सुबह
- सुबह सब योग करें नित
चेहरे
की बढ़ती आभा, काया रहती है मुदित
मस्तिष्क
शांत रहता है, प्रसन्न रहता है चित्त
मुद्रा
की कांति बढ़ जाती, क्रोध होता शांत
शरीर
सदा स्वस्थ रहे, कभी न होता क्लांत
रोग
प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती, उत्तम रहता पाचन
उसे
शारीरिक कष्ट न आए, जो रोज़ करे योगासन
बाल
होते काले - घने, आँखों में आती है चमक
चुस्ती
- फुर्ती बनी रहती, त्वचा जाती है दमक
हृदय
रोग,
मधुमेह, कर्क रोग का भी निवारण
ऐसा
शक्तिशाली है, यह योग नहीं साधारण
कितना
सुंदर,
कितना विरला, जन्म मिला हमें मनु का
इस
जीवन से प्रेम करें हम, ध्यान रखें अपने तनु का
आओ
सब मिलकर योग करें, धरा को स्वर्ग बनाएँ
***
डॉ.
रक्षा मेहता
हिंदी
विभागाध्यक्षा
आर्मी
पब्लिक स्कूल
गोलकोंडा


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