सोमवार, 31 अगस्त 2026

देस गीत(पूरबी )


आजादी के पावन परब पर हाजिर बा ऽ एगो देस गीत-

डॉ. मोहन पाण्डेय भ्रमर

सीमवां से बिरना मोरा भेजलें सनेस

बिरना भेजले बानें।

देसवा के राखब हम मान, बिरना भेजले बाने।।

जंगल पहाड़ बाने इहवां ठिकाना,

चलि जाई जान, चूकी तनिको निसाना ।

झूकी ना तिरंगा कबो, मिटी नाहीं सान,

बिरना भेजले बानें।

देसवा........................।।

रिड़वा उतारब हम, इहां धरती मइया के ,

पउवां पखारेलीं , पूजि भारत मइया के।

सेनुरा के लाज रही, मिटी नाहीं सान,

बिरना भेजले बानें,

देसवा.........................।।

गउवां जवार हालि, पूछे  जो जवान के,

खुलि के बतइहऽ बीर राखें अपने मान के।

माई के दुधवा के राखेलें भान,

बिरना भेजले बानें।

देसवा...............................।।

जवने ही मटिया में बीतल लरिकइया,

नेहिया लगल रहल तलवा तलैया।

गंगा जमुना के पनियाँ महान,

बिरना भेजले बानें।

देसवा....................।।

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जय हिन्द

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डॉ. मोहन पाण्डेय भ्रमर

हाटा कुशीनगर उत्तर प्रदेश


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