मन्दिर
बनाम टेम्पल
अंजनी
कुमार सिन्हा
शब्द
केवल अर्थ के वाहक नहीं होते; वे अपने भीतर पूरी
संस्कृति, दर्शन और भाषाई इतिहास सँजोए रखते हैं। जब हम
अंग्रेज़ी के ‘टेम्पल’ और भारतीय
परंपरा के ‘मन्दिर’ शब्द को आमने-सामने
रखते हैं, तो ऊपरी तौर पर दोनों एक ही स्थान के बोधक लगते
हैं। किंतु व्युत्पत्ति और सांस्कृतिक संवेदना के स्तर पर इनके भीतर गहरा अंतर
छिपा है।
मदि
धातु की विविध छटाएँ
संस्कृत
व्याकरण में ‘मदि’ (मदिँ
हर्षग्लेपनकान्तिगतिषु / मद) धातु का मूल संबंध उल्लास, तृप्ति,
प्रफुल्लता, कांति और गमन से है। इस
धातु-परिवार से निष्पन्न शब्द भारतीय भाषा में हर्ष, शांति
और आत्मानंद की सूक्ष्म परतों को उघाड़ते हैं:
मन्दिर:
जहाँ मन विश्राम पाए, जो प्रसन्नता, कांति और शांति का गृह हो। (मूलतः गृह या प्रासाद, जो
कालान्तर में ‘देवगृह’ के रूप में रूढ़
हुआ)
मद्य / मदिरा: जो मन में आल्हाद, तन्मयता या आनंद का अतिरेक उत्पन्न करे।
मत्त / मद: आनंद,
उत्साह या तृप्ति की वह स्थिति जहाँ व्यक्ति बाह्य चिंताओं से मुक्त
होकर स्वयं में लीन हो जाए।
मंद:
शांत,
सुखद, और सौम्य गति या स्वर (जैसे—मंद पवन,
मंद हास्य, मंदर)।
मन्दिरा:
ताल और संगीत में आनंद उत्पन्न करने वाला वाद्य (जैसे—मँजीरा या कांसे की ताल)।
इस
प्रकार,
‘मन्दिर’ शब्द केवल पत्थरों की संरचना नहीं,
बल्कि ‘मदि’ धातु के मूल
भाव के अनुरूप मन की प्रसन्नता, विश्राम और आत्मानंद का
प्रतीक-स्थल है।
टेम्पल
(Temple)
का व्यापक दायरा
इसके
विपरीत,
अंग्रेज़ी का Temple शब्द लैटिन के Templum
से आया है, जिसका मूल अर्थ किसी पुजारी या
भविष्यवक्ता द्वारा अनुष्ठान के लिए आकाश या धरती पर चिह्नित किया गया ‘पवित्र भूभाग’ है। यह शब्द केवल हिंदू देवालयों तक
सीमित न होकर विश्व की अनेक धार्मिक और ऐतिहासिक परंपराओं का बोधक है:
ग्रीक
व रोमन देवालय (Pagan Temples): एथेंस का
प्रसिद्ध पार्थेनन (Parthenon) ग्रीक देवी एथेना का मंदिर था,
जिसे इतिहास और साहित्य में Temple कहा जाता
है।
यहूदी
परंपरा (Jewish
Temples): येरुशलम का प्रथम व द्वितीय ऐतिहासिक मंदिर (The
Temple in Jerusalem / Solomon’s Temple) यहूदी धर्म का केंद्रीय
स्थल रहा है। आधुनिक सुधारवादी यहूदी अपनी उपासना सभाओं को Temple कहते हैं।
ईसाई
संप्रदाय (Mormon Temples): ‘चर्च ऑफ़ जीसस
क्राइस्ट ऑफ़ लैटर-डे सेंट्स’ (मॉर्मन ईसाई) अपने सबसे
पवित्र प्रार्थना स्थलों को Salt Lake Temple आदि नाम से
संबोधित करते हैं।
बौद्ध
व जैन उपासना स्थल: पूर्व एशियाई देशों (जैसे जापान, चीन,
थाईलैंड) के बौद्ध मठों और प्रार्थना स्थलों (जैसे—जापान का Kiyomizu-dera
Temple) को अंग्रेज़ी में Temple ही लिखा जाता
है।
शरीर-विज्ञान
(Anatomy):
माथे के दोनों ओर, आँख और कान के मध्य स्थित
भाग (कनपटी) को भी अंग्रेज़ी में Temple कहा जाता है।
‘टेम्पल’
जहाँ मनुष्य द्वारा उपासना के लिए समर्पित एक पवित्र संरचना (Sacred
Space) को रेखांकित करता है, वहीं ‘मन्दिर’ ईश्वर के स्वयं के आवास, विश्राम और आत्मानंद का बोध कराता है। अनुवाद में दोनों भले एक-दूसरे के
पर्याय बन गए हों, पर ‘मन्दिर’ में जहाँ भाव, चेतना और आत्मानंद मुख्य है, वहीं ‘टेम्पल’ में स्थान और
संरचना की अवधारणा प्राथमिक है।
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अंजनी
कुमार सिन्हा


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