शुक्रवार, 31 जुलाई 2026

काव्य



अमलतास

डॉ. रक्षा मेहता

 

एक अमलतास तू

एक अमलतास मैं

तुझमें और मुझमें

अंतर गहरा

तू रंग बिखेरता

मैं रंग ओढ़ती

तू सुंदरता फैलाता

मैं सुंदरता खोजती

तू आकर्षक

मैं आकर्षित

एक तत्व तुझमें और मुझमें

कोमलता का एक-सा

एक अमलतास तू

एक अमलतास मैं । 

 ***


डॉ. रक्षा मेहता

हिंदी विभागाध्यक्षा

आर्मी पब्लिक स्कूल

गोलकोंडा

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