शब्द-सृष्टि
मार्च-अप्रैल
2026,
अंक 69-70(संयुक्तांक)
परामर्शक की कलम से.... – ‘शब्दसृष्टि’ का प्रस्तुत अंक : विलंब की वजह .... – प्रो. हसमुख परमार
कविताई
माहिया – रंगों की नगरी है – ज्योत्स्ना प्रदीप
गीत – वाचालों का जोर जहाँ – दुष्यंत कुमार व्यास
आलेख
इतिहास, मिथक और आस्था का संगम ‘रामटेक’ – श्रीराम पुकार शर्मा

मार्च-अप्रैल के संयुक्त अंक के साथ फरवरी अंक भी, दोनों अंकों में प्रकाशित सामग्री विधा और विषय-संवेदना को लेकर विविधतापूर्ण, आकषर्क और ज्ञानवर्धक।
जवाब देंहटाएंशब्दसृष्टि की पूरी टीम को हार्दिक बधाई।
परामर्शक प्रो.हसमुख सर और संपादक डाॅ.पूर्वा शर्मा का कार्य प्रशंसनीय। 🙏
शब्द सृष्टि रचनात्मक प्रतिभा को प्रस्तुत करने का एक सुंदर और प्रेरणादायक मंच है। इसमें भाषा की सहजता, कल्पनाशीलता और अभिव्यक्ति की समृद्धि स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सामग्री का प्रस्तुतीकरण प्रभावशाली है और विद्यार्थियों, शिक्षकों व साहित्य प्रेमियों के प्रयास सराहनीय हैं। यह पहल हिंदी भाषा के प्रति रुचि और सृजनात्मकता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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